न तू घबरा ऐ मेरे मन।
---सहारा किसको मिलता है।।
कली के पास भौरों का,
-- मधुर गुंजार होता है।
----- बिखर जाती हैं पंखुरियां,
-------- किनारा किसको मिलता है।
-------- सहारा किसको मिलता है।।
मिलन की आस में जलती,
-- शिखा भी सुबह होने तक।
---- मिटाती साँस को तिल-तिल,
------- वह प्यारा किसको मिलता है।
------- सहारा किसको मिलता है।।
गले मिलकर किनारे से,
-- लहर भी लौट पड़ती है।
---- विकल प्यासे ही जाना है,
------ दुबारा किसको मिलना है।
------ सहारा किसको मिलता है।।
गगन में लाखों ही तारे,
-- चमकते, मुस्कराते हैं।
---- अंधेरे में विकल धरती,
------- सितारा किसको मिलता है।
------- सहारा किसको मिलता है।।